कोरोना महामारी में भी पिछले 9 महीने से इलाहाबाद विश्वविद्यालय में क्यों धरने पर बैठे हैं आंदोलनकारी छात्र ?

कोरोना महामारी में भी पिछले 9 महीने से इलाहाबाद विश्वविद्यालय में क्यों धरने पर बैठे हैं आंदोलनकारी छात्र ?

प्रयागराज . जहां बीते 24 घंटों के अंदर भारत में साढ़े तीन लाख से ज्यादा कोरोना संक्रमण के मामले सामने आ चुके हैं। 2,767 से ज्यादा मौत हो चुकी है.
हर दिन देश में कोरोना से होने वाली मौत का आंकड़ा बढ़ता चला जा रहा है।

बीते साल की शुरुआत में जब कोरोना संक्रमण की पहली लहर देश में आई थी। तो उस दौरान मोदी सरकार द्वारा पूरे देश में लॉकडाउन लगाया गया था।लेकिन आज कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान स्थिति पहले से भी ज्यादा भयावह बन चुकी है।

लेकिन वही दूसरी ओर प्रयागराज में इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्र संघ भवन पर छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर पिछले 9 महीनों से आज कोरोना महामारी में भी लगातार छात्र आंदोलनरत हैं . आंदोलन की शुरुआत से जुड़े छात्र नेता अजय यादव सम्राट बताते है कि आज सरकार की तानाशाही रवैए की वजह से कोविड महामारी में भी हम सभी छात्र आंदोलनरत है . अगर हमें कुछ हुआ तो उसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी.

हमारी प्रमुख मांग छात्रसंघ बहाली है क्योंकि छात्र संघ हमारा संवैधानिक अधिकार है हमारे देश में सबको अपनी बात व हक मांगने का अधिकार है. तो पिछले कई सत्र से बन्द छात्र संघ चुनाव कहीं ना कहीं छात्र की आवाज दबाने की साज़िश है.वही दूसरी ओर आईएएस – पीसीएस का अपना संघ है . इलाहाबाद विश्वविद्यालय में शिक्षकों का अपना शिक्षक संघ है, कर्मचारी संघ तो छात्रसंघ क्यों नहीं. छात्रसंघ भंग करना इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन व सरकार की यह साजिश है छात्रों की आवाज को दबाना. उन्हें पता है कि छात्रसंघ रहेगा तो हमारे भ्रष्टाचार व कारनामों पर आवाज उठाएगा इसलिए उन्होंने छात्रसंघ को बैन किया हुआ है लेकिन हम सभी छात्र तब तक नहीं अनशन से उठेंगे जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होती जब तक इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ बहाल नहीं किया जाता

वहीं दूसरी ओर विश्वविद्यालय में छात्रसंघ भवन पर छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर चल रहे संयुक्त संघर्ष समिति के नेतृत्त्व में छात्रसंघ बहाली के आंदोलन को लेकर बैठे आंदोलनकारियों ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री से अपील की गई कि कोरोना महामारी को ध्यान में रखते हुए इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रों, शिक्षको व कर्मचारियों के लिए अलग से कोविड की जरूरी दवाओं जिसमें रेमडीसीवीर इंजेक्सन, आक्सीजन, वैक्सीन व अन्य जरूरी दवाएं विश्वविद्यालय परिवार के लिए व्यवस्था की जाए.

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