बीजेपी सरकार में पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव की हत्या व पत्रकारों का उत्पीड़न लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ का गला घोंटने के समान है – सपा प्रतिनिधिमंडल

बीजेपी सरकार में पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव की हत्या व पत्रकारों का उत्पीड़न लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ का गला घोंटने के समान है – सपा प्रतिनिधिमंडल

प्रतापगढ़ . यूपी के प्रतापगढ़ में टीवी पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव की संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी. अपनी सुरक्षा को लेकर सुलभ ने अपनी हत्या की आशंका जताते हुए प्रयागराज जोन के एडीजी को पत्र लिखा था। पत्र में कहा था कि शराब माफियाओं से उनकी जान को खतरा है।  वहीं, शुरू में पुलिस उसे हत्या मानने से इंकार कर रही थी. जबकि परिजन हत्या की आशंका जता रहे थे. बाद काफी हंगामे के बाद एसपी प्रतापगढ़ ने इस मामले को लेकर एक जांच टीम गठित की है. वहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी से लेकर आप सांसद संजय सिंह और अब समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने यूपी सरकार पर निशाना साधा था. पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी सरकार से पत्रकार की मौत की उच्च स्तरीय जांच की मांग की थी.

शुक्रवार को समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधि मंडल पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव के परिवार जनों से मिलने पहुंचा. सपा एमएलसी मान सिंह यादव ने बताया कि सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देशानुसार जनपद प्रतापगढ़ में ABP NEWS संवाददाता शुलभ श्रीवास्तव के घर पहुंच कर शोक संवेदना प्रकट की.

वहीं एम.एल.सी. स्नातक आशुतोष सिन्हा ने कहा कि ABP NEWS पत्रकार शुलभ श्रीवास्तव की हत्या लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ की हत्या है। देश तथा प्रदेश की भाजपा सरकार पत्रकारों का उत्पीड़न एवं उनकी हत्या कराने में सबसे आगे है। असामाजिक तत्वों, गुंडा, शराब माफियाओं को संरक्षण देने वाली योगी सरकार लगातार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर चोट कर रही है।

पीड़ित परिवार से मिलने तथा शोक संवेदना व्यक्त करने समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल एम.एल.सी आशुतोष सिन्हा, एम.एल.सी.  मान सिंह यादव प्रदेश अध्यक्ष शिक्षक सभा, पूर्व विधायक नागेंद्र सिंह मुन्ना यादव समाजवादी पार्टी के कई नेता में मृतक शुलभ श्रीवास्तव के घर गए

एम.एल.सी./प्रदेश अध्यक्ष शिक्षक सभा मान सिंह यादव ने कहा कि शुलभ हत्याकांड के शुरुआत से ही स्थानीय पुलिस अधिकारियों तथा भाजपा के मंत्री एवं विधायकों द्वारा इस साजिश को छिपाते हुए जबरन दुर्घटना का रूप देने में लगे हैं अपराधियों को बचाने के लिए पुलिस द्वारा घटना का फर्जी खुलासा किए जाने की आशंका मृतक के परिजनों द्वारा व्यक्त की गयी है। समाजवादी पार्टी इस हत्याकांड पर सीबीआई जांच की मांग करते हुए परिवार के भरण-पोषण हेतु 1 करोड़ रुपए मुआवजा परिजनों की सुरक्षा एक सरकारी नौकरी की मांग की।

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