चौधरी चरण सिंह किसानों की प्रखर आवाज़ व सच्चे हितैषी थे – मणेंद्र मिश्रा

चौधरी चरण सिंह किसानों की प्रखर आवाज़ व सच्चे हितैषी थे – मणेंद्र मिश्रा

लखनऊ . जहां एक ओर देश में काफी समय से किसान आंदोलन चल रहा है. किसानों का जत्था फिर से दिल्ली की ओर कूच करने लगा है. लेकिन जब भी देश में किसानों को लेकर कोई आवाज उठती है तो उसके आंदोलन का रूप लेने से पहले ही चौधरी चरण सिंह (Chaudhary Charan Singh) का नाम आता है और आता रहता है. देश भारत के पांचवे प्रधानमंत्री के 24वीं पुण्यतिथि के मौके पर उन्हें याद कर रहा है.

चौधरी चरण सिंह को किसानों का सच्चा मसीहा व हितैषी कहा जाता है। पूरे जीवन में वे किसान व कमेरा वर्ग के हितों व उनके उत्थान के लिए संघर्ष करते रहे। ग्रामीण परिवेश में जन्म लेने व एक साधारण गरीब व किसान परिवार में पले-बढ़े होने के कारण वे किसानों व गरीब लोगों की समस्याओं को भली-भांति जानते थे।

इस मौके पर समाजवादी अध्ययन केंद्र के संस्थापक व यश भारती पुरस्कार से सम्मानित समाजवादी पार्टी के नेता मणेंद्र मिश्रा ‘मशाल’ कहते हैं कि आजादी के बाद बहुत कम ही नेता ऐसे रहे हैं जिनका प्रभाव आम जनमानस में समय के साथ मजबूत होता गया।चौधरी चरण सिंह ऐसे ही विरले व्यक्तित्व के धनी थे,जो गांव-किसान को राजनीति की मुख्यधारा में स्थापित करने में आजीवन संलग्न रहे।अर्थशास्त्र की गहन जानकारी को उन्होंने ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती में लगाया। किसान प्रेम को देखते हुए ही समूचा देश उनके जन्मदिन को किसान दिवस के रूप में मनाता है।
किसानों की समस्याओं को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर केंद्रीय नेतृत्व से डटकर सामना करने और किसान हितों के मुद्दे पर प्रखर विरोध करने वाले नेता के तौर पर चौधरी चरण सिंह का कोई मुकाबला नही है।
एक दूरदर्शी नेतृत्वकर्ता के रूप में उन्होंने अपने सपनों के भारत में आमजन के प्राथमिक आवश्यकताओं की पूर्ति,रोजगार की उपलब्धता,गरीबी-अमीरी के अंतर को कम करने,भ्रष्टाचार के खात्मे को प्रमुखता देते हुए इसके लिए सत्ता में रहते हुए कारगर नीतियाँ बनाने का काम किया।उनका कहना था कि अर्थव्यवस्था एक व्यक्ति के लाभ के लिए न हो बल्कि सारी जनता के लाभ के लिए हो।इसी प्रकार की अनेक विशिष्टताओं से चौधरी चरण चरण सिंह का व्यक्तित्व परिपूर्ण था।उनपर जितना लिखा और समझा जाना जरूरी था वह नही हो पाया और उसका अभाव आज भी बना हुआ है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने अबतक के राजनैतिक सफर में चौधरी चरण सिंह की नीतियों की चर्चा और उनके क्रियान्वयन की दिशा में सराहनीय कार्य किया है।
समाजवादी पार्टी की सरकार ने हमेशा चौधरी चरण सिंह  के सम्मान और नीतियों को आगे बढ़ाया  है।समाजवादी पार्टी के घोषणापत्र में चौधरी चरण सिंह के विचार, किसान फंड एवं समाजवादी डिजिटल गांव का उल्लेख यह दर्शाता है कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष  अखिलेश यादव पर चौधरी साहब का कितना प्रभाव है।
चौधरी चरण सिंह के अनुयायी और चिन्तन-चरित्र से समाजवादी राजेन्द्र चौधरी के सान्निध्य में आजादी के बाद देश की राजनीति को सकारात्मक अर्थो में प्रभावित करने वाले राजनीतिज्ञों को जानने और समझने में मदद मिलती है।चौधरी चरण सिंह को सम्पूर्णता में जानना मेरे लिए उन्ही की वजह से संभव हो सका है।
आज के दौर में जब राजनीति में नैतिक और चारित्रिक पतन की घटनाएं आम हो गयी हैं।ऐसे में चौधरी चरण सिंह की चर्चा करते हुए उनसे जुड़े विमर्श बढ़ाना नौजवानों को चरित्रवान बनने की दिशा में प्रेरित किया जा सकता है।

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