सामाजिक यातनाओं से मुक्ति की तरफ इशारा

  कथाकार श्यौराज सिंह ‘बेचैन’ की प्रिय कहानियों का संग्रह ‘मेरी प्रिय कहानियाँ’ नाम से आ गया है, इसमें कुल नौं कहानियां संकलित हैं। जो अलग-अलग पृष्ठभूमि

जिंदगी

रोहिणी भारती अरी जिन्दगी कहां चली, थम तो जा इधर माना इतनी रफ्तार नहीं हमारी पर तेरे साथ तो चल रहे हाथ से रेत की