अखिलेश यादव जन्मदिन विशेष: सामाजिक न्याय व विकास की नई विजनकारी नीतियों के साक्षात प्रतिबिंब है अखिलेश यादव

अखिलेश यादव जन्मदिन विशेष: सामाजिक न्याय व विकास की नई विजनकारी नीतियों के साक्षात प्रतिबिंब है अखिलेश यादव

एमएलसी राम वृक्ष यादव

सबसे कम उम्र में मुख्यमंत्री के रूप में पहचान बनाने वाले अखिलेश यादव का आज भी ‘काम बोलता है’

इन विकास योजनाओं से मिली यूपी को नई दिशा व नई रफ्तार

लखनऊ. समाजवादी पार्टी हमेशा संविधान के धर्मनिरपेक्ष स्वरूप, लोकतांत्रिक व्यवस्था और सामाजिक न्याय की रक्षा के साथ-साथ , पिछड़ों , वंचित वर्ग के हक की लड़ाई लड़ती आई है. समाजवादी पार्टी ने हमेशा जनता की बुनियादी जरूरतों व विकास पथ के सुगम राह की राजनीति करी है। वह हमेशा गरीबों के साथ हुए अन्याय, जुल्म-ज्यादती और शोषण के खिलाफ संघर्ष करती रही है। आज के वर्तमान दौर में भी पार्टी के नींव व समाजवाद के प्रणेता पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने समाजवादी पार्टी की मजबूती और विस्तार के लिए सभी को कड़ी मेहनत करने का निर्देश देते रहते हैं और उनका साफ संदेश है प्रदेश का विकास होगा तो सभी कार्यकर्ताओं का सम्मान बढ़ेगा।

आज पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के जन्मदिन के अवसर पर जनता व नई पीढ़ी को पिछड़ों व गरीबों के नेता  अखिलेश यादव के नीतियों व विकास कार्यों को जानना चाहिए. यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने काम व विकास के नाम पर राजनीति की. इसलिए उन्होंने “काम बोलता है ” का नारा दिया. लेकिन राजनीतिक विरोधियों ने भी समाजवादी कार्यों को स्वीकारा है. तभी अखिलेश यादव के विजन कारी नीतियों का वो केवल नाम बदल पाए.

प्रदेश में उच्चतम कानून व्यवस्था के लिए यूपी डायल 100 सेवा व महिलाओ व बच्चियों के  वूमेन पावर लाइन 1090 की शुरुआत की.  उत्तर प्रदेश को अति उत्तम प्रदेश बनाने वाले योगी सरकार ने आज अपराधियों का प्रदेश बना दिया है. आज यूपी के वर्तमान मुख्यमत्री योगी आदित्यनाथ ने अगर नाम बदलने के बजाय काम व विकास के विजन पर ध्यान दिया होता .आज यूपी अपराधिक प्रदेश की संज्ञा से ना पुकारा जाता.

अखिलेश यादव का मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान में सबसे बड़ा काम एक राज्य एक नंबर योजना थी, जिसके तहत 1090 हेल्पलाइन (1090 Helpline) की शुरुआत की गई। यह लगातार 24 घंटे काम करती रहती है।
अपराध नियंत्रण हेतु समाजवादी पार्टी की सरकार ने आधुनिक वाहनों के साथ यूपी डायल 100 नंबर की सेवा की शुरुआत की थी. महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के लिए 1090 वूमेन पावर लाइन की शुरुआत की थी. आज बीजेपी राज में इन सेवाओं को पूरी तरह निष्क्रिय कर दिया गया है जिसका दुष्प्रभाव यूपी की जनता के झेल रही दिख है.

आज बीजेपी सरकार ने केवल समाजवादियों के काम तरजीह ना देकर नाम बदलने में ध्यान दिया. जिसके फलस्वरूप आज चारो ओर अपराध व कानून व्यवस्था बेलगाम हो चुकी है.

बीजेपी मुद्दों से जनता का ध्यान भटका कर भ्रम फैलाकर चुनाव जीतती है.  समाज में आपसी सद्भाव को बिगाड़ कर धर्म की आड़ में नफरत का जाल फैलाना बीजेपी की फितरत है.  चुनाव के वक्त सभी जाति व धर्म का बहुमत हासिल कर आज बीजेपी पिछड़ी जाति दलितों वह अल्पसंख्यक वर्ग का उपेक्षा कर रही है क्योंकि पिछड़ा व वंचित वर्ग केवल बीजेपी के लिए अब वोट बनकर रह गया है.

लेकिन समाजवादी पार्टी की सरकार ने बिना किसी भेदभाव के सभी जाति व धर्म के लिए  प्रदेश में चाहे वो एम्स की स्थापना हो, कैंसर अस्पताल का निर्माण किया, लोहिया पार्क और 400 एकड़ में एशिया का सबसे बड़ा जनेश्वर मिश्र पार्क, गोमती रिवर फ्रंट,  अंतरराष्ट्रीय स्तर का इकाना स्टेडियम उत्तर प्रदेश की जनता के लिए बनाया गया है.

वहीं यूपी को खेल जगत में अलग पहचान दिलाने के अखिलेश यादव के न्यू विजन ने देश का सबसे बेहतरीन अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस स्टेडियम दिया .क्या है खासियत इकाना इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम, लखनऊ, उत्तर प्रदेश में एक इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम है। दिसंबर 2013 में, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने घोषणा की कि 2017 के पहली तिमाही के लखनऊ को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम मिल गया. इस स्‍टेडियम को बनाने में पांच सौ करोड़ रुपए की लागत आई.

इस स्टेडियम के लिए सिर्फ जमीन यूपी की समाजवादी पार्टी की सरकार ने मुहैया करवाई है।
यह स्टेडियम 530 करोड़ रुपए की लागत से बनकर तैयार हुआ है। एकाना ने इस स्टेडियम को बनाने के लिए 3 साल का समय निर्धारित किया था, लेकिन पूरा कंस्ट्रक्शन 2 साल 8 महीने में कंप्लीट हो गया।

स्टेडियम में खिलाड़ियों के लिए भी विश्वस्तरीय सुविधाएं दिया गया है। इसमें स्टीम बाथ, आइस बॉक्स जैसी सुविधाओं के साथ ही 40 अंतरराष्ट्रीय स्तर के टॉयलेट, 50 छोटे कैफेटेरिया, तीन 200 लोगों के बैठने की क्षमता वाले रेस्टोरेंट बने हुए हैं। स्टेडियम में जिम, रिहैब सेंटर, गेस्ट हाउस और स्पोर्ट्स एकेडमी भी है। 
इकाना स्टेडियम लगभग 530 करोड़ की लागत से बना है . स्टेडियम में करीब 30 एकड़ में बना स्टेडियम 50 हजार दर्शकों की क्षमता वाला है.इकाना भारत की तीसरा जबकि विश्व का छठा सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम है.5 हजार दो पहिया और 1 हजार कार पार्किंग से लैस है ये स्टेडियम.
लेकिन बीजेपी सरकार ने इकाना स्टेडियम (Ekana Stadium) का नाम बदलकर अटल बिहारी वाजपेयी स्टेडियम कर दिया. अखिलेश सरकार की लखनऊ को बड़ी सौगात है।

जब अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी की सरकार आई तो जनता को बहुत अधिक उम्मीदें थीं और अखिलेश यादव ने कुर्सी सम्हालने के साथ 2012 के चुनावों के दौरान किये गए वायदों को पूरा करना शुरू किया। इस संबंध में मेधावी छात्रों को लैपटाप वितरण की उनकी स्कीम सुपरहिट रही, जिसे हर तरफ सराहना मिली।
इसी तरह कन्या विद्याधन योजना ने बड़ी संख्या में लड़कियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित किया, जिसमें 12वीं पास लड़कियों को उच्च शिक्षा के लिए एक बार में 30 हजार रुपये की सहायता दी गई।

इसके साथ ही एक सबसे कम उम्र के युवा मुख्यमंत्री के रूप में अखिलेश यादव ने राज्य की राजधानी के रूप में लखनऊ पर विशेष ध्यान दिया। इस के तहत उन्होंने लखनऊ के आधारभूत ढांचे पर फोकस किया और लखनऊ मेट्रो (Lucknow Metro) और आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे (Agra Lucknow Expressway) की शुरुआत की और ऩोएडा- ग्रेटर नोएडा के बीच मेट्रो संचालन की योजना तैयार की। सपा सरकार के प्रयासों से ही आगरा एक्सप्रेस देश का सबसे बड़ा हरियाली युक्त एक्सप्रेस बना।

परिवारों को सामाजिक सुरक्षा देने के लिए 45 लाख परिवारों को 500 रुपये महीने की समाजवादी पेंशन योजना (Samajwadi Pension Yojana) का लाभ दिया। न केवल सबसे कम उम्र के मुख्यमंत्री के रूप में बल्कि अपने कामों के लिए भी इंडियन एक्सप्रेस ने 2016 के सबसे प्रभावशाली व्यक्तित्वों में अखिलेश यादव को स्थान दिया। अखिलेश यादव ने एक मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेश के विकास को बढ़ावा देने के लिए काफी काम किया। हालांकि आलोचकों ने उनके इन सब कामों पर सवाल उठाए, लेकिन सच यही है कि आज सूबे को अखिलेश यादव के शुरू कराए गए विकास का लाभ मिल रहा है। लेकिन इन कार्यों पर बीजेपी अपनी फर्जी मोहर लगाने पर लगी है

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